कथा-रंग के साथ जुड़कर भाषाओं, बोलियों और किस्सागोई की विरासत को अगले पीढ़ियों तक पहुँचाने की मुहिम का हिस्सा बनें।
कथा-रंग साहित्य, भाषा और बोली को आमजन तक पहुँचाने का एक अनूठा प्रयास है। हमारा उद्देश्य भाषाओं और बोलियों को संरक्षित करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है। हम किस्सा-कहानियों और रोचक, भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को उनकी साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं।
हमारी टीम हिन्दी की विभिन्न बोलियों में कथावाचन करती है ताकि लोग अपनी भाषा और संस्कृति से आत्मीय रूप से जुड़ें:
बच्चों के लिये कहानियों का खज़ाना—पढ़ने/सुनाने की आदत, कल्पना-शक्ति और सार्वजनिक अभिव्यक्ति के कौशल पर विशेष ध्यान।
युवाओं के लिये मंच—किस्सागोई, रचनात्मक लेखन, और सांस्कृतिक संवाद के अवसर, मेंटरशिप व सामुदायिक परियोजनाएँ।
कथा-रंग परिवार का हिस्सा बनें और कार्यक्रमों, कार्यशालाओं व सामुदायिक परियोजनाओं में प्राथमिक पहुँच पाएँ।
वार्षिक सदस्यता • 16 वर्ष से ऊपर
वार्षिक सदस्यता • 5–15 वर्ष
नोट: यदि आपकी संस्था विद्यालय/कॉलेज है और समूह-पंजीकरण कराना चाहती है, तो कृपया नीचे दिए संपर्क विकल्प से लिखें।
ईमेल: [email protected] • फ़ोन: +91 94150 63343