हमसे जुड़ें

कथा-रंग के साथ जुड़कर भाषाओं, बोलियों और किस्सागोई की विरासत को अगले पीढ़ियों तक पहुँचाने की मुहिम का हिस्सा बनें।

कथा-रंग क्या है?

कथा-रंग साहित्य, भाषा और बोली को आमजन तक पहुँचाने का एक अनूठा प्रयास है। हमारा उद्देश्य भाषाओं और बोलियों को संरक्षित करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है। हम किस्सा-कहानियों और रोचक, भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को उनकी साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं।

हमारी गतिविधियाँ (सालभर)

  • कथावाचन
  • साहित्यिक चर्चा
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • कार्यशालाएँ
  • प्रतियोगिताएँ

स्थानीय भाषाएँ/बोलियाँ

हमारी टीम हिन्दी की विभिन्न बोलियों में कथावाचन करती है ताकि लोग अपनी भाषा और संस्कृति से आत्मीय रूप से जुड़ें:

  • अवधी
  • कन्नौजी
  • भोजपुरी

विशेष पहल

कथा-रंग – बचपन

बच्चों के लिये कहानियों का खज़ाना—पढ़ने/सुनाने की आदत, कल्पना-शक्ति और सार्वजनिक अभिव्यक्ति के कौशल पर विशेष ध्यान।

कथा-रंग – युवा

युवाओं के लिये मंच—किस्सागोई, रचनात्मक लेखन, और सांस्कृतिक संवाद के अवसर, मेंटरशिप व सामुदायिक परियोजनाएँ।

सदस्यता एवं शुल्क

कथा-रंग परिवार का हिस्सा बनें और कार्यक्रमों, कार्यशालाओं व सामुदायिक परियोजनाओं में प्राथमिक पहुँच पाएँ।

कथा-रंग – युवा

₹500

वार्षिक सदस्यता • 16 वर्ष से ऊपर

कथा-रंग – बचपन

₹100

वार्षिक सदस्यता • 5–15 वर्ष

कैसे जुड़ें?

  1. ऊपर सदस्य बनें बटन पर क्लिक करें।
  2. ऊपर दिए बटन पर क्लिक कर व्हाट्सप्प पर हमसे कनेक्ट करें, शुल्क भुगतान करें और मेंबर बनें!

नोट: यदि आपकी संस्था विद्यालय/कॉलेज है और समूह-पंजीकरण कराना चाहती है, तो कृपया नीचे दिए संपर्क विकल्प से लिखें।

संपर्क

ईमेल: [email protected] • फ़ोन: +91 94150 63343