हमारी मुहिम
कथारंग का उद्देश्य भाषाओं और बोलियों को संरक्षित करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। हम किस्सा-कहानियों के माध्यम से लोगों को उनकी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। यह मुहिम स्थानीय भाषाओं और बोलियों की धरोहर को संजोने और उनके महत्व को उजागर करने का प्रयास करती है।
कथा-रंग के माध्यम से, हम न केवल भाषा और संस्कृति का संरक्षण करते हैं, बल्कि उनमें निहित मूल्यों और ज्ञान को भी साझा करते हैं। इस पहल का मकसद है, हमारे सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करना और उन्हें समृद्ध बनाना।
कथा-रंग का उद्देश्य सिर्फ कहानियों को सुनाना नहीं, बल्कि भाषा और संस्कृति के संवर्धन के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाना है। हम मानते हैं कि कहानियाँ सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, वे हमारी जड़ों से जुड़ने और हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का साधन भी हैं। कथा-रंग के कार्यक्रमों के जरिए, विभिन्न भाषाओं और बोलियों की जीवंतता को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है ताकि उनकी मधुरता और विशिष्टता आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
इसके अलावा, कथा-रंग नई पीढ़ी को उनकी स्थानीय बोलियों और साहित्य से जोड़ने की दिशा में भी काम करता है। स्कूलों, कॉलेजों और सांस्कृतिक महोत्सवों में आयोजित कथावाचन कार्यक्रमों के माध्यम से हम युवाओं में साहित्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। यह पहल न केवल साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करती है, बल्कि बच्चों और युवाओं को रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का माध्यम भी बनती है।
